Tuesday, November 24, 2009

जीना सिखा दिया



जीवन को एक पल में, जीने की चाह ने
जीना सिखा दिया !


जीता हूँ इसलिए की, मरना है एक दिन,
जिन्दादिली के इसी, ज़ज्बात ने मौत से,
लड़ना सिखा दिया !


सोचता हूँ की इस,बेदर्द ज़माने से चला जाऊं,
पर इस ज़माने ने,अनजाने में ही मुझे दर्द को,
सहना सिखा दिया!


देखता हूँ जब उनकी, आँखों में आंसुओं की धार,
उनके दुखों के बादल ने, मेरे आंसुओं को भी,
बहना सिखा दिया!


क्यों चला जाऊं , कहीं और उनके बगैर मैं ,
उन तन्हाईयों में ,जिसने साथ साथ मिलकर,
चलना सिखा दिया!


जियो जी भरकर, एक एक पलों को,
खोल दो सारे बंधन, चहकने दो जीवन को,
इसी अंदाज ने तो मुझको,
हँसना सिखा दिया!

जीवन को एक पल, में जीने की चाह ने,
जीना सिखा दिया!

Sunday, November 22, 2009

कैसे बयां करूँ



सुबह की इस आगाज को मै कैसे बयां करूँ,


रात के उस अंदाज को मै कैसे बयां करूँ,,


डराती है अन्धेरें में खड़ी एक परछाई मुझे,


उस परछाई के राज को मै कैसे बयां करूँ,,


आज जिस कदर अकेले में जिए जा रहा हुं मै,


तन्हाई की इस आवाज को मै कैसे बयां करूँ,,


देखता हूँ अपने चारों ओर मचलती खुशियों को,


अपने दुखों की ये दास्तान मै कैसे बयां करूँ,,


सोचता हुं की शायद मिल जायेंगे वो आज,


जुदाई की इस गाज को मै कैसे बयां करूँ,,


सुबह के इस आगाज को मै कैसे बयां करूँ,

रात के उस अंदाज को मै कैसे बयां करूँ,,

Friday, November 20, 2009

सचिन को सलाम...

सचिन आला रे आला,
आज सचिन ने ३०००० रन बनाकर एक और तोहफा दिया है भारत को,
आओ उस सचिन के हिन्दुस्तानी होने पर गर्व करें न की उसे भाषाओँ  में बाटने का प्रयास करें ,
जय हिंद, जय सचिन !!