Thursday, February 18, 2010

मॉडर्न ज़माना

मॉडर्न ज़माना देखो जी,
कही है रूखी कही है घी !!

माँ को मॉम पिता को डेड,
बाल रंगाये डिफ़रेंट शेड !
हिंदी को चाकू मारे, अंग्रेजी को गोली,
जाने कैसी भाषा इनकी, जाने कैसी बोली !

मॉडर्न ज़माना देखो जी,
पीते हैं सिगरेट संग टी !!

दिन में सोयें रात को जागें,
 डालर   पीछे घर को त्यागें !
ट्वीटर फेसबुक ओर्कूट ब्लॉगिंग,
फास्ट फ़ूड खाते करते जॉगिंग !

मॉडर्न ज़माना देखो जी,
फेर है ये समझ समझ की !!

ये तो था अधूरा सत्य,
पता इन्हें अपने कर्त्तव्य !
स्फूर्ति भरा है इनका मन,
मेहनत से नित करें  सृजन !

मॉडर्न ज़माना देखो जी,
इनका धर्म मानवता ही !!

चतुर्दिक प्रगति है  इनका लक्ष्य,
जो है करनी वही है कथ्य !
तर्क आधारित सोच विचार,
तीव्र बुद्धि विनम्र ब्यवहार !

मॉडर्न ज़माना देखो जी,
पथिक मैं  भी अनजाना ही !!

3 comments:

RaniVishal said...

वाह जी! मार्डन ज़माना अच्छा लगा ....बधाई!
http://kavyamanjusha.blogspot.com/

Udan Tashtari said...

बहुत बढ़िया रचना!

Shivam said...

हौसला अफ़जाई के लिए हार्दिक शुक्रिया!!!!!