Friday, October 26, 2012


मेरी नवीन अनुभूतियों से उपजे मेरे गीत की कुछ पंक्तियाँ....

..जब मैं इस दुनियां से,
 चला जाऊँगा..
सच कहता हूँ,
मैं याद बहुत आऊंगा !!

जाने वालों को भला,
किसने है रोका अबतक..
मौत की आस में,
खाया है धोखा अबतक !!

कौन जाने कि मेरी,
आखिरी कशिश क्या है..
नहीं मालूम मुझको,
मेरी परवरिश क्या है !!

लोग कहते हैं,
तू तो सभी का प्यारा है..
हकीकत ये है, बस
मौत ही अब सहारा है !!

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